Friday, June 25, 2010

हां ! छोरियों भी पहलवान होया करैं सैं...विनेश, रितु और प्रियंका पिछले 6-7 सालों से कुश्ती खेल रही हैं और कई बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुकी हैं। उन्हें आज भी अकसर अपने ही गांव के लोगों से ये सुनना पड़ता है कि छोरियां भी कदै पहलवान होया करैं सै। लेकिन ये खुशनसीब है कि इनके पिता महाबीर सिंह फौगाट ही इनके कोच हैं। वो अपने समय के बेहतरीन पहलवान रह चुके हैं।

No comments:

Post a Comment